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⭐ दुनिया के सबसे उम्रदराज एथलीट फ़ौज़ा सिंह का 114 साल की उम्र में निधन – एक प्रेरणादायक सफर

 

🏃‍♂♂️ “टर्बन टॉरनेडो” की अनोखी कहानी

दुनिया के सबसे उम्रदराज मैराथन धावक फ़ौज़ा सिंह ने 114 साल की उम्र में अंतिम सांस ली।
उनका निधन 14 जुलाई 2025 को पंजाब में एक सड़क हादसे में हुआ।
वे अपने जीवन में कई रिकार्ड तोड़कर लाखों लोगों के लिए मिसाल बने।

फ़ौज़ा सिंह का जन्म 1 अप्रैल 1911 को पंजाब के बीस गांव में हुआ था।
उन्हें प्यार से “टर्बन टॉरनेडो” कहा जाता था।
क्योंकि वे 100 साल की उम्र के बाद भी मैराथन दौड़ में हिस्सा लेते रहे।
उनका जज़्बा और फिटनेस लोगों को हैरान कर देती थी।

 

👨‍🦲 उनकी प्रेरणादायक उपलब्धियां

✅ 100 साल की उम्र में मैराथन पूरा करने वाले पहले व्यक्ति बने।
✅ लंदन, न्यूयॉर्क, टोरंटो सहित दुनिया भर की मैराथन में हिस्सा लिया।
✅ 93 साल की उम्र में प्रोफेशनल ट्रेनिंग शुरू की।
✅ 2004 में “ट्रांस वर्ल्ड स्पोर्ट्स पर्सनैलिटी ऑफ द ईयर” सम्मान मिला।
✅ उन्होंने अपनी रेस में हिस्सा लेकर लाखों रुपये दान किए।

उनका कहना था:

> “उम्र सिर्फ एक नंबर है। अगर आप मन से जवान हो, तो कुछ भी कर सकते हो।”

 

🚴‍♂ कैसे रहे इतने फिट?

फ़ौज़ा सिंह ने अपनी फिटनेस का राज बताया था:

🌿 सादा शाकाहारी भोजन

🍚  दूध-दही और फल
🚶‍♂ रोजाना वॉक और दौड़
🙏 सकारात्मक सोच और सिख आस्था

उन्होंने कई इंटरव्यू में कहा –
“मैंने कभी हार मानने का नाम ही नहीं सीखा।”

 

🙇‍♂ उनका आखिरी समय और दुनिया की श्रद्धांजलि

14 जुलाई 2025 को जब वे सैर पर निकले, तेज रफ्तार वाहन ने उन्हें टक्कर मार दी।
दुनियाभर के लोग और खेल जगत उनके निधन से शोक में डूब गए।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, खेल मंत्रालय और मशहूर एथलीटों ने उन्हें श्रद्धांजलि दी।

उनसे क्या सीख सकते हैं?

 

📌  संक्षेप में

फ़ौज़ा सिंह की कहानी बताती है कि 

✅ उम्र कोई सीमा नहीं होती।
✅ अनुशासन और मेहनत से हर मंजिल पाई जा सकती है।
✅ सकारात्मक सोच से जीवन खुशहाल बनता है।

आज वे हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनकी दौड़ हमेशा हमें प्रेरित करती रहेगी।

 

विवरण जानकारी

जन्म 1 अप्रैल 1911, पंजाब
निधन 14 जुलाई 2025, सड़क हादसा
उम्र 114 साल
उपनाम टर्बन टॉरनेडो
उपलब्धि दुनिया के सबसे उम्रदराज मैराथन धावक

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